7 गेम्स जो सीखाते हैं काफी कुछ – best Learning Games for Kids in hindi

By Ruchi Gupta|5 - 6 mins read| July 05, 2026

ऐसा नहीं है कि हर खेल सिर्फ मौज-मस्ती के लिए ही बना हो। बल्कि कुछ खेल बच्चों को काफी कुछ सीखा भी सकते हैं। खेल-खेल में छोटे बच्चे जल्दी सीख सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही खेलों या गेम्स के बारे में जिनसे हमारे बच्चों के विकास में होती है मदद।

खेल सिर्फ बच्चों के मनोरंजन के लिए नहीं होते। इनसे हम रोज बच्चों को कई चीजें सीखा सकते हैं। कुछ ऐसा ही मैंने अपनी बेटी के साथ भी किया था। जब वे 2 साल की थी तब उसे पज्जल्स के जरिये फलों और विभिन्न आकारों के बारे में समझाया और जब से उसकी स्कूल की पढ़ाई शुरू हुई है तब से कभी मेमोरी गेम्स, व्यापार जैसे कितने खेलों ने उसे कुछ न कुछ सीखाने में मेरा बहुत साथ दिया है।

हर खेल कुछ न कुछ सीखाता है, बस जरूर है उस खेल को अच्छे से समझने और उससे अपने बच्चे को सीखाने की। आइए जानते हैं, बच्चों के मानसिक और शैक्षिक विकास के लिए कौन से खेल हैं, बेहतर।

बच्चों के लिए 7 बेहतरीन गेम्स

1. ऊनो (UNO)

ऊनो वैसे तो बाजार में मिलने वाली एक ताश की तरह का है खेल हैं, लेकिन इसमें अंकों के साथ-साथ कुछ अन्य पत्ते भी होते हैं। इस खेल का आधार है कि आपको वही रंग या फिर उसी अंक के पत्ते या चलने होते हैं और अपने हाथ में मौजूद सभी पत्तों का खत्म करने की कोशिश करनी होती है।

बच्चों के लिए यह खेल बेहद ही रोचक होता हैं, क्योंकि इसमें प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अपने पत्तों को कम करने में बेहद मजा आता है। लेकिन इस खेल से बच्चे काफी कुछ सीख सकते हैं, जैसे कि सबसे पहले बच्चे इसमें अंकों और रंगों को पहचान पाते हैं। उसके बाद बच्चा वाइल्ड पत्तों में से कब कौन सा कार्ड चलना है, यह रणनीति बनाना भी सीखता है। साथ में क्योंकि ऊनो में +2 या +4  कार्ड के वाइल्ड कार्ड भी होते हैं, जिसकी वजह से वह जमा करना भी सीखता है।

2. बिजनेस (Business)/ व्यापार/ मोनोपली (Monopoly)

यह बोर्ड गेम कई दशकों से पीढ़ी दर पीढ़ी बच्चे खेलते आ रहे हैं। कभी हमने खेला और आज हमारे बच्चे खेल रहे हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा भी अंकों के साथ अच्छी दोस्ती कर ले तो यह एक मजेदार खेल हो सकता है, बच्चे को जमा-घटा और पैसों के लेन-देन के बारे में सीखाने का।

इसके साथ ही आप बच्चे को शहरों के कार्ड को खरीदने के दौरान किसी चीज को खरीदने की प्राथमिकता के बारे में भी उन्हें इस खेल के जरिये सीखा सकते हैं। इस खेल के नियमेां में कुछ छोटे-मोटे परिवर्तन हो सकते हैं, लेकिन इस खेल का आधार देश भर में भ्रमण करना है, जिसके साथ आप बच्चे को हमारे देश की विभिन्न राजधानियों और उनके राज्यों के बारे में भी बता सकते हैं।

3. पज्जल (Puzzle)

आमतौर पर सभी घरों में पज्जल गेम्स जरूर मौजूद होती हैं। इनके माध्यम से बच्चों को न सिर्फ एक विषय, वस्तु या कैरेक्टर के बारे में जानने का मौका मिलता है, बल्कि वे यहां पर तर्क और कारण ढूंढ़ना भी सीखते हैं। जैसे ही बच्चा कोई गलत ब्लॉक लगाता है तो वह खुद ही सीखता है कि यह आकार उस ब्लॉक के लिए सही नहीं था, यानी वह खुद ही इसमें तर्क देना भी सीखता है, जबकि उसने दूसरे ब्लॉक को क्यों लगाया, इसका जवाब उसे कारण ढूंढ़ने में मदद करता है। साथ ही बच्चे विभिन्न आकारों, रूप-रंगों से भी परिचित होता है।

4. मेमोरी गेम्स (Memory Games)

इस खेल में आपने एक जगह अलग-अलग पत्ते रख दिए और एक-एक कर के उन पत्तों को खोला जाएगा और अगर वह कार्ड किसी उल्टे रखे गए कार्ड से मेल खाता होगा तो उसे बिना देखे उस उल्टे कार्ड को उठाना होगा। यह खेल बच्चों की स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए काफी बढि़या विकल्प है। इसमें बच्चों को अच्छे से देखना और फिर उन पत्तों को याद भी रखना होगा, ताकि बिना खोले वे उन पत्तों से अन्य पत्ते को मेल करा सकें। साथ ही ये कार्ड किस श्रेणी पर आधारित हैं, इनसे भी आपको बच्चे को उनके बारे में जानकारी देना का सही मौका भी मिल जाएगा।

5. डार्ट गेम (Dart Game)

एक बड़े से गोले के बीच में डार्ट से निशाना लगाना। देखने में तो यह पूरी तरह से मौज-मस्ती से जुड़ा हुआ खेल है, लेकिन इससे भी बच्चा बहुत कुछ सीख सकता है। डार्ट सही निशाने पर लगाने के लिए जरूरी है कि बच्चा पूरी एकाग्रता दिखाए। साथ ही बच्चा यहां दिए गए अंकों की गणना करना भी सीखता है। यानी अगर उसे मिले तीन मौकों में उसके डार्ट 10, 20 और 40 पर लगे हैं तो उसे इन अंकों को जोड़ना भी यहां सीखाया जा सकता है।

6. सुडोकु (Sudoku)

दिमाग की तंदरुस्ती और गणित को सीखने का सबसे बढि़या खेल है सुडोकु। इस खेल को बच्चा अकेले भी खेल सकता है। लेकिन इसके लिए आप पहले बच्चे को इसके नियम जरूर समझा दें, जैसे कि यह 81 डिब्बों में खेले जाने वाला है, जिसमें किसी भी तरह सीधी या लेटी हुई रेखा में कहीं भी 1 से लेकर 9 तक का अंक दोबारा नहीं आना चाहिए। साथ ही इस खेल को छोटे-छोटे 9-9 के 9 डिब्बों में भी बांटा जाता है, उनमें भी 1 से लेकर 9 तक अंक दोबारा नहीं आना चाहिए। अगर आपका बच्चा 5 साल का है तो आप उसे इसके सबसे आसान स्तर से शुरुआत करा सकते हैं और जैसे-जैसे उसकी इसमें दिलचस्पी बढ़ने लगे आप उसके लिए स्तर को बढ़ा भी सकते हैं।

बड़े बच्चों या व्यस्कों के लिए इसका ही एक अलग रूप भी देखा जा सकता है, जिसमें अंकों को गुणा-भाग और जमा घटा कर उसमें लिखा जाता है। आप चाहें तो अपने टीनएज के बच्चों के साथ यह खेल-खेल सकते हैं।

7. तंबोला (Tambola/Housie)

1 से लेकर 90 अंकों वाले इस खेल में मिलने वाले पुरस्कारों की वजह से यह काफी लोकप्रिय खेल माना जाता है। कहीं-कहीं तो इसमें लोगों को नकद पुरस्कार भी मिलते हैं। इस खेल की खूबी यह है कि इसे कितने भी लोग खेल सकते हैं। आप अपने बच्चे के साथ भी इसे घर पर आसानी से खेल सकते हैं, जिसमें अंकों को बोलने पर पर्ची में काटा जाता है और जिसके सभी अंक कट जाते हैं, वहीं इस खेल का विजेता भी बनता है।

अगर बात की जाए कि तंबोला से हमारे बच्चे क्या सीख सकते हैं तो उसमें सबसे पहला स्थान है अंको की पहचान का। जहां हमारे लिए अपने 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अंको की पहचान कराने में मुश्किल होती है, वहीं तंबोला के जरिये हम अपने बच्चों को बोर्ड पर तय स्थान पर टोकन को बोल-बोल कर रखने से इनकी पहचान करा सकते हैं। इसके अलावा तंबोला की पर्ची पर ऊपर, नीचे और मध्य की पंक्ति और कॉर्नर या पहले पांच अंकों के माध्यम से उनकी अवधारणा को भी यहां आसानी से सीखाया जा सकता है।

ज्यादातर सभी खेल बच्चे दूसरों के साथ ही खेल जाते हैं, तो इससे बच्चों में समूह में खेलने और व्यवहार करने का कौशल तो आता ही है, साथ ही वे दल की भावना से खेलना भी सीखने लगते हैं।


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